देश के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान शुक्रवार को जब अपने पैतृक गांव 'गवाणा' पहुंचे, तो पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल छा गया। सितंबर 2022 में देश के दूसरे सीडीएस बनने के बाद यह जनरल चौहान का अपने पैतृक गांव का पहला दौरा था। अपने 'गौरवशाली बेटे' की एक झलक पाने के लिए गांव के बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक में भारी उत्साह देखने को मिला। जनरल अनिल चौहान का यह दौरा पूरी तरह पारिवारिक और भावनाओं से ओत-प्रोत रहा। बताया जा रहा है कि तीन दिन बाद उनके परिवार में उनकी भतीजी का विवाह समारोह आयोजित होना है। इसी खुशी के अवसर पर वे अपने परिवार के बीच पहुंचे। उन्होंने भतीजी को आशीर्वाद दिया और उपहार भेंट किए। गांव की पगडंडियों पर जब देश का सबसे बड़ा सैन्य अधिकारी अपनों के बीच पहुंचा, तो हर आंख गौरव से नम थी।
अपने पैतृक गांव पहुंचने से पहले जनरल चौहान देवलगढ़ स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां राजराजेश्वरी मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। उन्होंने मां के दरबार में क्षेत्र की सुख-समृद्धि और देश की सुरक्षा के लिए प्रार्थना की। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने भी उनका गर्मजोशी से अभिवादन किया। चौरास स्थित हेलीपैड पर उतरने के बाद वे सीधे गवाणा गांव के लिए रवाना हुए। गांव पहुंचने पर पारंपरिक वाद्य यंत्रों और फूल-मालाओं के साथ उनका भव्य स्वागत किया गया। जनरल चौहान ने भी पूरी आत्मीयता के साथ ग्रामीणों से बातचीत की और उनका हालचाल जाना। उन्होंने गांव और अपनी मिट्टी के प्रति अपने गहरे जुड़ाव को साझा करते हुए क्षेत्र के विकास के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। ग्रामीणों ने कहा कि अनिल चौहान का सीडीएस बनना पूरे उत्तराखंड और विशेषकर पौड़ी जिले के लिए गर्व की बात है। उनका सादगी भरा व्यवहार और अपनी जड़ों के प्रति सम्मान यह संदेश देता है कि व्यक्ति चाहे कितने भी ऊंचे पद पर पहुंच जाए, उसे अपनी मातृभूमि को नहीं भूलना चाहिए। सितंबर 2022 में कार्यभार संभालने वाले जनरल अनिल चौहान मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल की रामपुर ग्राम पंचायत के गवाणा गांव के रहने वाले हैं। उनका यह दौरा न केवल एक पारिवारिक मिलन था, बल्कि इसने पूरे पहाड़ में अपनत्व और देशप्रेम की भावना को और अधिक ऊर्जा प्रदान की है।

