चीन के शंघाई में आयोजित 48वीं प्रतिष्ठित 'वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता-2026' में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए उत्तराखंड के दो होनहार युवाओं ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। उत्तरकाशी की बेटी सानिया जोशी ने 'रिटेल सेल्स' में और देहरादून के युवा पार्थ वोहरा ने 'औद्योगिक डिजाइन तकनीकी कौशल' (इन्फ्रास्ट्रक्चर/इंडस्ट्रियल डिजाइन टेक्नोलॉजी) में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के लिए रजत पदक (सिल्वर मेडल) हासिल किया है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिली इस ऐतिहासिक सफलता से पूरे प्रदेश में खुशी की लहर है।
चीन के शंघाई में आयोजित 48वीं वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता-2026 में उत्तराखंड के दो युवाओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। उत्तरकाशी की सानिया जोशी ने रिटेल सेल्स में रजत पदक हासिल किया, जबकि देहरादून के युवा पार्थ वोहरा ने औद्योगिक डिजाइन तकनीकी कौशल में रजत पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। दोनों युवाओं की उपलब्धि पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सानिया जोशी और पार्थ वोहरा ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और कौशल के दम पर विश्व पटल पर भारत और उत्तराखंड का मान बढ़ाया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए रजत पदक हासिल करना प्रदेश के युवाओं की क्षमता और कौशल का प्रमाण है। शंघाई में आयोजित वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता में दुनिया के विभिन्न देशों के प्रतिभागियों ने अलग-अलग तकनीकी और व्यावसायिक कौशल में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। ऐसे वैश्विक मंच पर उत्तराखंड के दो युवाओं का पदक जीतना राज्य के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। उत्तरकाशी की सानिया जोशी ने रिटेल सेल्स श्रेणी में रजत पदक हासिल किया। वहीं देहरादून के पार्थ वोहरा ने औद्योगिक डिजाइन तकनीकी कौशल में दूसरा स्थान हासिल कर रजत पदक अपने नाम किया। दोनों ने अपने-अपने कौशल क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के बीच भारत का प्रतिनिधित्व किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की यह उपलब्धि बताती है कि प्रदेश के युवा केवल पारंपरिक शिक्षा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि तकनीकी और व्यावसायिक कौशल के क्षेत्र में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने दोनों प्रतिभागियों की मेहनत और उपलब्धि की सराहना की।मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सानिया और पार्थ की सफलता प्रदेश के अन्य युवाओं को भी कौशल विकास के क्षेत्र में आगे बढ़ने और उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित करेगी। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक हासिल करने वाले इन युवाओं की उपलब्धि से कौशल आधारित शिक्षा और प्रशिक्षण को लेकर भी युवाओं में रुचि बढ़ने की उम्मीद है।उत्तरकाशी और देहरादून से निकले इन दोनों युवाओं ने विश्वस्तरीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व कर यह दिखाया है कि उत्तराखंड के युवा मेहनत, प्रशिक्षण और प्रतिभा के दम पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा सकते हैं।

