चुनावी साल का बजट सत्र रहेगा बेहद प्रतिस्पर्धी

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ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में प्रस्तावित बजट सत्र को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। सत्र से पहले ही पक्ष और विपक्ष के विधायकों में खासा उत्साह और सतर्कता देखने को मिल रही है। क्षेत्रीय समस्याओं, विकास योजनाओं और जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए विधायकों ने तैयारी तेज कर दी है। विधानसभा सचिवालय को अब तक 500 से अधिक प्रश्न प्राप्त हो चुके हैं, जबकि सत्र की तिथि की आधिकारिक घोषणा अभी शेष है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहले ही संकेत दे चुके हैं कि बजट सत्र गैरसैंण में आयोजित किया जाएगा। उनके संकेतों के बाद विधानसभा सचिवालय ने भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में व्यवस्थाओं और तैयारियों का काम शुरू कर दिया है। हालांकि राज्य सरकार की ओर से सत्र की तिथियों की औपचारिक घोषणा अभी नहीं हुई है। माना जा रहा है कि होली के बाद बजट सत्र की तारीख घोषित की जा सकती है। बजट सत्र को चुनाव वर्ष के संदर्भ में विशेष महत्व दिया जा रहा है। सत्ता पक्ष जहां अपनी उपलब्धियों और आगामी योजनाओं को सदन में प्रस्तुत करने की रणनीति बना रहा है, वहीं विपक्ष सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है। यही वजह है कि प्रश्नों की संख्या तेजी से बढ़ रही है और आने वाले दिनों में इसमें और इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है। विधानसभा सचिवालय के अनुसार प्राप्त प्रश्नों का सिलसिला लगातार जारी है। सरकार की ओर से संबंधित विभागों को इन प्रश्नों के उत्तर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सदन में ठोस और तथ्यात्मक जवाब प्रस्तुत किए जा सकें। विधायकों की प्राथमिकता अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों की समस्याओं—जैसे सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, बिजली और रोजगार—को प्रमुखता से उठाने की है। गैरसैंण में सत्र का आयोजन पहाड़ से जुड़े मुद्दों को केंद्र में लाने का भी अवसर माना जा रहा है। लंबे समय से गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग उठती रही है, ऐसे में यहां बजट सत्र का आयोजन राजनीतिक रूप से भी अहम संकेत माना जा रहा है। कुल मिलाकर, 500 से अधिक प्रश्नों के साथ प्रस्तावित बजट सत्र के दौरान सदन में तीखी बहस और व्यापक चर्चा के आसार हैं। अब सबकी नजर सरकार की आधिकारिक घोषणा और आगामी सत्र की कार्यवाही पर टिकी है।