फायर सीजन से पहले वनाग्नि प्रबंधन संसाधनों का किया गया आकलन

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उत्तराखंड में 15 फरवरी से फायर सीजन शुरू होने वाला है। फायर सीजन को लेकर एक तरफ जहां वन विभाग अपनी तैयारियों में जुटा है तो वहीं जिला प्रशासन ने भी अपनी कमर कस ली है। ताकि फायर सीजन में जंगलों को आग से बचाया जा सके। फायर सीजन की तैयारियों को लेकर आज 11 फरवरी बुधवार को जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया की अध्यक्षता में फॉरेस्ट फायर मॉक अभ्यास की तैयारियों को बैठक की गई। 

बता दें कि 18 फरवरी 2026 को फॉरेस्ट फायर का मॉक अभ्यास प्रस्तावित है, जिसको लेकर आज जिला आपदा प्रबंधन सभागार में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि वनाग्नि प्रबंधन एवं नियंत्रण के लिए फायर सीजन से पूर्व संसाधनों की उपलब्धता, उनकी उपयोगिता, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता, अंतर्विभागीय समन्वय और स्थानीय समुदाय की सहभागिता का आकलन किया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मॉक अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपदा की स्थिति में प्रशासनिक तंत्र की तैयारियों का परीक्षण और उसे और अधिक सुदृढ़ बनाना है। मॉक ड्रिल के माध्यम से उपकरणों और संसाधनों की कार्य क्षमता का भी परीक्षण हो सकेगा। डीएम ने सभी विभागीय अधिकारियों को आपसी समन्वय, सक्रियता और सजगता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए। उन्होंने डीएफओ और उप जिलाधिकारियों को परगना स्तर पर भी मॉक अभ्यास आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि संभावित वनाग्नि की घटनाओं से निपटने के लिए स्थानीय स्तर पर भी तैयारी सुनिश्चित की जा सके। साथ ही जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया गया कि वनों से सटे गांवों में जागरूकता अभियान चलाकर ग्रामीणों को वनाग्नि के प्रति सतर्क किया जाए व आवश्यकतानुसार स्थानीय टीमों का गठन किया जाए। जिलाधिकारी ने आम जनता से भी अपील की कि कहीं भी वनाग्नि की घटना दिखाई देने पर तुरंत आपदा कंट्रोल रूम, पुलिस या वन विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके। प्रभागीय वनाधिकारी यूसी तिवारी ने बताया कि मौसम पूर्वानुमान के अनुसार इस वर्ष वनाग्नि की संभावनाएं अधिक हैं। 15 फरवरी से 15 जून तक फायर सीजन रहेगा। उन्होंने जानकारी दी कि 18 फरवरी को प्रातः 10:30 बजे संजय वन में वनाग्नि नियंत्रण मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी संबंधित विभागों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।