Friday, July 19, 2024
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आस्थाः रामलला की मूर्ति के लिए नेपाल से आ रहे शालिग्राम! बिहार के रास्ते अयोध्या पहुंचेंगे काली नदी के ‘विशेष पत्थर’, स्वागत की तैयारी में लोग

नई दिल्ली। अयोध्या में निर्माणाधीन राम मंदिर के लिए नेपाल से दो शालिग्राम पत्थर लाए जा रहे हैं। बताया जाता है कि इन शालिग्रामों से भगवान राम और माता सीता की मूर्तिंयों का निर्माण किया जायेगा। म्यागडी और मस्तंग जिले से होकर बहने वाली काली गंडकी नदी के तट पर ही पाए जाने वाले शालिग्राम पहले से ही जनकपुर्टो के रास्ते अयोध्या जा रहे हैं।
बता दें कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। नेपाल से लाए जा रहे दोनों शिलाखंडों का कुल वजन 127 क्विंटल है। जानकारों का कहना है कि महीनों की खोज के बाद शालिग्राम पत्थर के इतने बड़े टुकड़े मिल पाए हैं। ये शिलाखंड दो फरवरी को अयोध्या आएंगे, नेपाल से अयोध्या आने में 4 दिन का समय लगेगा और ये काफिला रोजाना करीब 125 किलोमीटर का सफर तय करेगा। सीता की जन्मस्थली जनकपुर के रहने वाले नेपाली कांग्रेस के नेता और पूर्व उपप्रधानमंत्री बिमलेंद्र निधि जानकी मंदिर से समन्वय कर रहे हैं, जो दो पत्थरों को काली गंडकी नदी से भेज रहे हैं। बता दें कि इस नदी में शालिग्राम बहुतायत में पाए जाते हैं। जानकारी के मुताबिक दो दिन पहले नेपाल में पोखरा के पास गंडकी नदी से शालिग्राम पत्थर की दोनों शिलाओं को क्रेन की मदद से बड़े ट्रक में लोड किया गया था। इन पत्थरों को सबसे पहले पोखरा से नेपाल के जनकपुर लाया गया है। जनकपुर के मुख्य मंदिर में पूजा-अर्चना की गई। शुक्रवार को इन शिलाखंडों का दो दिवसीय अनुष्ठान प्रारंभ हुआ। विशेष अनुष्ठान के बाद ये शिलाएं बिहार के मधुबनी बॉर्डर से भारत में प्रवेश करेंगी और अलग-अलग जगहों पर रुकते हुए 31 जनवरी की दोपहर बाद गोरखपुर के गोरक्षपीठ पहुंचेंगी।

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