पटना। बिहार की राजधानी पटना में शुक्रवार को एक सड़क हादसे के बाद हालात अचानक हिंसक हो गए। यहां अगमकुआं थाना क्षेत्र के बड़ी पहाड़ी इलाके में तेज रफ्तार बस की चपेट में आने से एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे से गुस्साए स्थानीय लोगों ने सड़क पर उतरकर जमकर हंगामा किया। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया और आक्रोशित भीड़ ने बस को आग के हवाले कर दिया। इतना ही नहीं, पुलिस की तीन गाड़ियों में भी आग लगा दी गई, जबकि पुलिसकर्मियों और मौके पर मौजूद पत्रकारों पर पथराव किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब युवक सड़क पार कर रहा था। तेज गति से आ रही बस ने उसे कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। लोगों का गुस्सा इतना बढ़ गया कि उन्होंने बस में आग लगा दी और आसपास खड़े कुछ अन्य वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया। हंगामे के दौरान एक पुलिस चेक पोस्ट को भी आग के हवाले कर दिया गया। इसके अलावा कई बसों के शीशे तोड़ दिए गए और सड़क किनारे खड़ी कई मोटरसाइकिलों में भी तोड़फोड़ की गई। स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब घटनास्थल की कवरेज कर रहे पत्रकारों पर भी कुछ लोगों ने पथराव कर दिया। इस दौरान कई मीडिया कर्मियों को सुरक्षित स्थान पर जाना पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन भीड़ ने पुलिस टीम पर भी पथराव शुरू कर दिया। हालात को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। पुलिस ने क्षेत्र को घेरकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। वहीं, आग बुझाने के लिए पहुंची दमकल विभाग की टीम को भी सड़क जाम और पथराव के कारण घटनास्थल तक पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ज़ीरो माइल इलाके के पास सड़क दुर्घटना के बाद हिंसा भड़कने से पुलिस की तीन जीपें आग की चपेट में आ गईं। फिलहाल आग पर काबू पा लिया गया है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। पूरे इलाके में सुरक्षा के मद्देनजर भारी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई है। हादसे और उसके बाद हुए बवाल के कारण पटना के इस हिस्से में करीब 10 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्कूल बसें भी जाम में फंस गईं, जिससे बच्चों और अभिभावकों को काफी दिक्कत हुई। प्रशासन ने यातायात को सुचारु करने के लिए वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की और धीरे-धीरे सड़क खाली कराने की कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हिंसा में शामिल लोगों की पहचान सीसीटीवी फुटेज और वीडियो के आधार पर की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और कानून व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि पटना और उसके आसपास के अर्ध-शहरी इलाकों से गुजरने वाले राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर सड़क हादसों के बाद विरोध प्रदर्शन और झड़पों की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। हाल ही में गौरीचक थाना क्षेत्र में हुए एक भीषण सड़क हादसे में ऑटो सवार मां और बेटी की मौत ने भी लोगों को झकझोर दिया था।

