निदेशक माध्यमिक शिक्षा के मार्गदर्शन में सफलता: उत्तराखंड बोर्ड परीक्षाओं का सुव्यवस्थित समापन और अब मूल्यांकन की तैयारी

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देहरादून। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित परिषदीय परीक्षा 2026 का सफल समापन हो गया है। पूरे प्रदेश में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुईं। अब अगला चरण उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का है, जो 27 मार्च से शुरू होकर 10 अप्रैल तक चलेगा। इस बार पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मूल्यांकन कार्य सीसीटीवी निगरानी में कराया जाएगा। निदेशक माध्यमिक शिक्षा एवं परिषद के सभापति के निर्देशन में आयोजित इस परीक्षा में इस वर्ष एक लाख से अधिक छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। आंकड़ों के अनुसार हाईस्कूल में 1,12,266 और इंटरमीडिएट में 1,02,986 परीक्षार्थी शामिल हुए। परीक्षा 21 फरवरी 2026 से शुरू होकर निर्धारित कार्यक्रम के तहत संपन्न हुई।

प्रदेशभर में कुल 1261 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां परीक्षा शांतिपूर्ण माहौल में कराई गई। परीक्षा के दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई। केंद्रों पर नकल रोकने के लिए सख्त इंतजाम किए गए थे। प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारी लगातार निगरानी में जुटे रहे, जिससे किसी भी प्रकार की अव्यवस्था सामने नहीं आई। नकल विहीन परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए परीक्षा केंद्रों के आसपास बीएनएसएस की धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू की गई थी। इसके तहत परीक्षा केंद्रों के आसपास भीड़-भाड़ और अनावश्यक गतिविधियों पर रोक लगाई गई। इसके अलावा पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमों ने संवेदनशील केंद्रों पर विशेष नजर रखी। परीक्षा के सफल आयोजन के लिए परिषद ने सभी संबंधित विभागों, जिला प्रशासन, पुलिस, शिक्षकों और कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया है। अधिकारियों ने कहा कि सभी के समन्वय और सहयोग से ही इतनी बड़ी परीक्षा को बिना किसी बाधा के संपन्न कराया जा सका। अब 27 मार्च से शुरू होने वाले मूल्यांकन कार्य की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। राज्यभर में 29 मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं, जहां उत्तर पुस्तिकाओं की जांच की जाएगी। जानकारी के अनुसार हाईस्कूल की 6,70,028 और इंटरमीडिएट की 5,14,787 कॉपियों का मूल्यांकन किया जाएगा। इस कार्य के लिए हाईस्कूल स्तर पर 1937 और इंटर स्तर पर 1725 शिक्षकों की तैनाती की गई है। मूल्यांकन प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा 50 प्रतिशत उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन भी किया जाएगा, जिससे परिणामों की सटीकता सुनिश्चित हो सके। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार मूल्यांकन कार्य तय समय सीमा में पूरा करने के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। शिक्षकों को निर्धारित मानकों के अनुसार कॉपियों की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि विद्यार्थियों के साथ किसी प्रकार का अन्याय न हो।