हरिद्वार में मंगलवार को गंगा दशहरे के पर्व स्नान पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। तड़के चार बजे से ही दिल्ली, यूपी और हरियाणा समेत देशभर से आए श्रद्धालुओं की गंगा स्नान के लिए घाटों पर भीड़ जुटने लगी। गंगा दशहरा पर गंगा में स्नान करने का सबसे अधिक महत्व होता है। मां गंगा के अवतरण के दिन हरिद्वार में स्नान करने से 10 प्रकार के पाप समाप्त हो जाते हैं। आज गंगा दशहरा पर 10 में से 5 योग मिल रहे हैं। हरकी पैड़ी व अन्य घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी। श्रद्धालुओं ने हर हर गंगे के जयकारों के साथ आस्था की डुबकी लगाई।
अभिजित मुहूर्त सुबह 11.47 से दोपहर 12.40 तक स्नान के सर्वोत्तम होगा, जबकि मध्याह्न में मां गंगा का पूजन होगा। दोपहर 1 बजकर 7 मिनट से ज्येष्ठ एकादशी लग जाएगी और 31 मई को निर्जला एकादशी का व्रत रखा जाएगा। स्नान के बाद 10 प्रकार की मिठाई, 10 फल, 10 वस्त्र गंगा मां को अर्पित करें। दूध, दही, शहद मां को अर्पण करें। इससे कष्टों से मुक्ति मिलती है।
तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए मेला क्षेत्र को चार सुपर जोन और 16 जोन, 37 सेक्टर में बांटा गया है। मेला क्षेत्र में 764 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी और चार पीएसी की कंपनी, दो बीडीएस, दो फायर यूनिट, प्लड कंपनी की तैनाती की गई है।