Friday, July 19, 2024
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मशहूर इतिहासकार गोपाल भारद्वाज ले पत्र भेजकर ब्रिटेन के नए महाराजा चार्ल्स 111 को दी बधाई, महारानी के परिवार का मसूरी से है गहरा नाता

रिपोर्ट- सुनील सोनकर, मसूरी।

मसूरी। ब्रिटेन के नए महाराजा चार्ल्स 111 की ताजपोशी आगामी 6 मई को होगी। इस शाही समारोह को भव्य बनाने की विशेष तैयारियां की गई हैं। लंदन में किंग चार्ल्स 111 और महारानी कैमिला की ताजपोशी को लेकर विशेष तैयारियां चल रही हैं। छह मई को किंग चार्ल्स 111 की ताजपोशी को देखते हुए पूरे शहर को दुल्हन की तरह सजा दिया गया है। यह कार्यक्रम भव्य व शाही तरीके से मनाया जाना है। इसमें करीब 2 हजार से ज्यादा लोग खास मेहमान के तौर पर शामिल होंगे। इस शाही आयोजन में दुनिया के कई देशों से लोग शामिल होंगे। वही पहाड़ों की रानी मसूरी से भी ब्रिटेन के नए महाराजा चार्ल्स 111 के परिवार का नाता रहा है जिसको लेकर ब्रिटेन के नए महाराजा चार्ल्स 111 की ताजपोशी को लेकर मशहूर इतिहासकार गोपाल भारद्वाज ने पत्र भेजकर ब्रिटेन के नए महाराजा चार्ल्स 111 का मुबारक बात दी है। इससे पूर्व मशहूर इतिहासकार गोपाल भारद्वाज ने ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के 70 साल का शासन पूरा होने पर उन्हें शुभकामनाएं दी थी। भारद्वाज ने साथ ही महारानी के प्राइवेट सेक्रेट्री को पत्र लिखकर उनके पिता आरजीआर भारद्वाज की बनाई ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ की जन्म कुंडली की मूल कॉपी भी भेजी थी। उन्होने बताया कि 22 जुलाई 2022 को महारानी के प्राइवेट सेक्रेट्री द्वारा उनको पत्र भेजकर महारानी की ओर से उनका धन्यवाद किया था। उन्होंने कहा कि उनके लिये और भारत देश के लिये गर्व की बात है कि महारानी द्वारा उनके पत्र और उनके पिता के द्वारा लिखी गई जन्म कुंडली का संज्ञान लिया गया। उन्होंने कहा कि उनके पिता ज्योतिष विद्या के विद्वान थे और उन्होंने ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की 20 मई 1953 में बनाई गई जन्म कुंडली में स्पष्ट कर दिया गया था कि उनका शासन ऐतिहासिक रहेगा। वह शांतिपूर्ण तरीके से अपना शासन चलाएंगी और उनकी आयु भी लंबी होगी।

उन्होंने कहा कि पहले भी वह महारानी को चिट्ठी लिख चुके हैं जिसका जवाब भी आया है। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन की महारानी का 96 साल की उम्र में देहांत हो गया था । उन्होने बताया कि उनके पिता आरजीआर भारद्वाज ने पहले ही घोषणा कर दी थी की महारानी एलिजाबेथ की जन्म कुंडली में खास बात यह है कि उनकी उम्र लंबी उम्र होगी और उनके शासन में किसी प्रकार की बड़ी घटना या दुर्घटना नहीं होगी। वह शांतिपूर्ण तरीके से अपने राज्य को संचालित करेंगी।
गोपाल भारद्वज ने बताया कि ब्रिटेन की महारानी एलिज़ाबेथ॥ को 2021 में विश्व की सर्वाधिक प्रशंसनीय महिलाओं की सूची में 6 अंकों की रेटिंग देकर तीसरे स्थान पर रखा गया है। जन्म जानकारी के अनुसार बनाई गई कुंडली के आधार पर ज्योतिष द्वारा विश्लेषण किया गया। क्वीन एलिज़ाबेथ द्वितीय का जन्म मेयफ़ेयर, लन्दन की 17 ब्रूटन स्ट्रीट पर सन् 1926 की 21 अप्रैल को प्रातः 02 बजकर 40 मिनट पर हुआ था। स्रोतों से प्राप्त इस जानकारी के आधार पर बनाई गई जन्म कुंडली के अनुसार महारानी की चन्द्र राशि कर्क है। चंद्रमा स्वयं के आठवें घर में विराजित है, जहाँ मूलत्रिकोण का निर्माण हुआ है। एक दुर्लभ जन्म कुंडली के कारण इनका जन्म विश्व के उच्चतम राजशाही परिवार में अपने दादा जॉर्ज़ पंचम के शासनकाल में हुआ। राजा जॉर्ज़ पंचम के दूसरे पुत्र और महारानी के पिता प्रिन्स एल्बर्ट बाद में राजा ज़ॉर्ज षष्टम बने। स्कॉटिश अर्ल क्लाउडे बोव्स-ल्यॉन की छोटी बेटी और यॉर्क की डचेज़ एलिज़ाबेथ बाद में रानी एलिज़ाबेथ बनीं।

बाइट- गोपाल भारद्वाज, मशहूर इतिहासकार

गोपाल भारद्वाज ने बताया कि महारानी का परिवार लगातार मसूरी आते रहा है और उनके बड़े बेटे 1870 में मसूरी आए थे और मसूरी के लाल टिब्बा में ग्रेव्यार्ड में एक पौधा रोपित किया गया था जो आज भी विद्यमान है। वह प्रिंसेस ऑफ वेलस जो बाद में क्वीन मैरी बनी जो 1906 में मसूरी आई थी इनके द्वारा मसूरी के गांधी चौक के पास स्थित चर्च ऑफ़ इंग्लैंड में एक पौधारोपण किया गया था जो आज भी वहां पर स्थित है जिसके 120 साल से जयादा हो गए हैं ।उन्होंने कहा कि उनके पिताजी और मशहूर ज्योतिष थे और उनके द्वारा कई महान हस्तियों की कुंडी लिखी थी वह उनके पिता जी द्वारा महारानी की ताजपोशी होने पर उनकी कुंडली लिखी गई थी और उस कुंडली के मुताबिक जो भी उनके द्वारा भविष्यवाणी की गई वह बिल्कुल सटीक साबित हुई है और उनके द्वारा जब यह कुंडली की मूल कॉपी महारानी को भेजी गई तो उनकी तरफ से उनको जवाब मिला जिसमें महारानी द्वारा स्वयं पत्र लिखकर उनका आभार जताया गया था जो पूरे देश के लिए गर्व की बात है।

गोपाल भारद्वाज ने बताया कि उनके परिवार में 500 साल से ज्योतिष का काम किया जा रहा है। उनके पास 300 साल पुरानी श्रीरामचंद्र, कृष्ण भगवान, गुरु नानक देव की जन्म कुंडली भी है। उनके पिता ने महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, मोतीलाल नेहरू, मदन मोहन मालवीय की जन्म कुंडली भी बनाई थी, जो उनके पास आज भी मौजूद है। उन्होंने कहा कि उनके पास कई महत्वपूर्ण इतिहास के दस्तावेज हैं, जिसको सरकार को संरक्षित करना चाहिए।

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