Tuesday, April 16, 2024
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उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी से कराह रहे विद्यालय! प्राथमिक से इंटर कॉलेजों तक टीचरों के पद हुए रिक्त

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में स्थित विद्यालय शिक्षकों की कमी से कराह रहे हैं। हालात यह है कि प्रधानाचार्य तक के पद रिक्त पड़े हैं। बामुश्किल प्रभारी प्रधानाचार्यो के भरोसे विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। नौनिहाल शिक्षकों की राह देखते देखते थक चुके हैं, बावजूद महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षकों को पद रिक्त हैं। व्यवस्था के तहत शिक्षकों को एक से दूसरे विद्यालयों में भेज शैक्षिक कार्य गतिमान है।

कई विद्यालयों में महज एक ही शिक्षक के उपर कई कक्षाओं का जिम्मा है। ऐसे में गांवों के नौनिहालों के भविष्य से हो रहे खिलवाड़ का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। बेतालघाट, रामगढ़ तथा पड़ोसी ताड़ीखेत ब्लॉक में स्थित विद्यालयों की स्थिति जस के तस है। सूदूर गांवों में शिक्षा व्यवस्था चाक चौबंद करने के दावे तो खूब किए जाते हैं पर धरातल पर दावे खोखले साबित हो रहे हैं। रामगढ़ ब्लॉक में प्राथमिकी, जूनियर व इंटर कालेजों में प्रधानाचार्यो के 19 पद रिक्त पड़े हैं। सभी 19 विद्यालय प्रभारी प्रधानाचार्यो के हवाले हैं‌। स्थाई प्रधानाचार्य का पद रिक्त होने से विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था चरमराना लाजिमी है। बामुश्किल कार्य संचालित किए जा रहे हैं। खंड शिक्षा अधिकारी गीतिका जोशी के अनुसार प्रधानाचार्यो के पदों के साथ ही की कई विद्यालयों में रिक्त पड़े शिक्षकों के पदों की सूचना उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। प्रत्येक ब्लॉक के दो इंटर कॉलेजों को अटल उत्कृष्ट विद्यालय का दर्जा दे बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के ढोल पीटे गए पर अटल उत्कृष्ट विद्यालय ही प्रवक्ताओं, शिक्षकों व स्थाई प्रधानाचार्य की तैनाती को तरस गए हैं। समीपवर्ती अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज भुजान में प्रधानाचार्य की कुर्सी स्थाई प्रधानाचार्य का इंतजार कर रही है तो वहीं हिंदी, वाणिज्य, कृर्षि, संस्कृत जैसे महत्वपूर्ण विषयों के पद रिक्त हैं। विज्ञान, व्यायाम, वाणिज्य विषय के सहायक अध्यापक तथा कार्यालय भी कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। उटल उत्कृष्ट विद्यालय का दर्जा प्राप्त जीआइसी ढोकाने तथा जीआइसी प्यूड़ा, सतखोल भी प्रभारी प्रधानाचार्य के जिम्मे है। अटल उत्कृष्ट विद्यालय बेतालघाट में भूगोल विषय के प्रवक्ता का पद रिक्त हैं तो कार्यालय स्टाफ के साथ ही पर्यावरण मित्र का तक पद खाली है। जीआइसी जीतुवापीपल, खैरना समेत कई विद्यालय प्रभारी प्रधानाचार्य के जिम्मे संचालित है। गांवों में स्थित प्राथमिक विद्यालय तेजी से शिक्षक विहीन होते जा रहे हैं। विद्यालय बंद न हो इसके लिए शिक्षा विभाग व्यवस्था का सहारा ले रहा है। एक से दूसरे विद्यालयों में शिक्षकों को व्यवस्था के तहत भेज विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। एक ही शिक्षक पहली से पांचवीं कक्षा तक के नौनिहालों की पढ़ाई का जिम्मा संभाल रहे हैं। बेतालघाट ब्लॉक के सूदूर गांवों में स्थित विद्यालयो में व्यवस्था शब्द खूब चर्चा में है। गांवों में स्थित विद्यालयों के बिगड़ते हालातों से पंचायत प्रतिनिधियों व अभिभावकों में गहरी नाराजगी है। ग्राम प्रधान शेखर दानी, इंदु जीना बीडीसी अभिषेक बिष्ट, कुबेर सिंह जीना, मनीष तिवारी, गजेंद्र नेगी, दीवान सिंह, महेंद्र सिंह बिष्ट, राकेश जलाल, मनोज नैनवाल, गोविंद नेगी, महेंद्र रावत आदि ने विद्यालयों की स्थिति पर चिंता व्यक्त कर जल्द शिक्षकों की तैनाती की मांग उठाई है। विधायक सरिता आर्या ने शिक्षकों के रिक्त पदों की सूची उपलब्ध न होने की बात कही जबकि गांवों में स्थित विद्यालय प्रवक्ताओं, प्रधानाचार्यो, शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। विधायक ने जल्द विभाग से जानकारी लेने के बाद प्रदेश के शिक्षा मंत्री से वार्ता का दावा किया है।

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