Sunday, May 19, 2024
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देश की रक्षा का संकल्प लिए भारतीय सेना में 331 युवा अफसर हुए शामिल, उत्तराखंड के 25 युवा कैडेट हुए पास

देश की रक्षा का संकल्प लिए आज भारतीय सेना में 331 युवा अफसर शामिल हो गए है। जी हां ये जांबाज युवा भारतीय सैन्य अकादमी IMA में पासिंग आउट परेड के बाद सेना में शामिल हुए है साथ ही मित्र राष्ट्रों के 42 कैडेट्स भी पास आउट हो गए है। सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने बतौर निरीक्षण अधिकारी परेड की सलामी ली जिसमे 63 जेंटलमैन कैडेट के साथ उत्तरप्रदेश टॉपर बना तो वही उत्तराखंड इस बार पिछली बार के मुकाबले 2 अंक नीचे खिसक गया।उत्तराखंड के 25 युवा कैडेट पास हुए है।

उत्तर प्रदेश- 63, बिहार- 33, हरियाणा -32, महाराष्ट्र-26, उत्तराखंड -25, पंजाब-23, हिमाचल प्रदेश-17, राजस्थान -19, मध्य प्रदेश-19, दिल्ली-12, कर्नाटक-11, झारखंड-08, तमिलनाडु-08, जम्मू-कश्मीर-06, छत्तीसगढ़-05, केरल-05, तेलंगाना-03, पश्चिम बंगाल-03, गुजरात-02, वहीं नेपाली मूल के भारतीय कैडेट -02 और त्रिपुरा, आंध्र प्रदेश, असम, चंडीगढ़, गोवा, मणिपुर, ओडिशा व पांडिचेरी से एक-एक कैडेट हैं।

सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने बतौर निरीक्षण अधिकारी परेड की सलामी ली। स्वार्ड आफ आनर- मेहर बनर्जी, स्वर्ण पदक – अभिमन्यु सिंह, रजत पदक- मेहर बनर्जी, रजत पदक टीजी – सूर्यभान सिंह, कांस्य पदक – कमलप्रीत सिंह, चीफ आफ आर्मी स्टाफ बैनर-कैसिनो कंपनी, सर्वश्रेष्ठ विदेशी कैडेट- किंगा लहेंडूप भूटान, को विशेष सम्मान से नवाज़ा गया।

इस दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी, अकादमी के ऐतिहासिक चेटवुड भवन के सामने ही ड्रिल स्क्वायर पर सुबह 6 बजे परेड शुरू की गई थी। इसके बाद भारत ही नही बल्कि विदेश के भी 373 कैडेट्स अफसर बनकर अपनी सेनाओं की मुख्य धाराओं से जुड़ गए।इस दौरान हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा भी की गई।

इस बार पासिंग आउट परेड से पहले आईएमए स्थित युद्ध स्मारक पर शुक्रवार को शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। यहां तलवार से सलामी देते जेंटलमैन कैडेट की साढ़े सात फीट की कांस्य की प्रतिमा है। प्रतिमा के पिछले हिस्से में मेहराब बनाए गए हैं, जिन पर 898 बहादुर पूर्व सैनिकों के नाम उकेरे गए हैं। ये वे पूर्व जवान हैं, जिन्होंने देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दी है। भारतीय सैन्य अकादमी के युद्ध स्मारक का उद्घाटन 17 नवंबर 1999 को फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ ने किया था। युद्ध स्मारक पर 331 जेंटलमैन कैडेट्स ने भारतीय सेना के अधिकारियों के रूप में नियुक्त होने से पहले भारतीय सेना की समृद्ध परंपराओं को कायम रखने और राष्ट्र का झंडा हमेशा ऊंचा रखने का संकल्प लिया।

बता दे कि आईएमए की स्थापना के बाद से अब तक यहां से 64862 देशी एवं विदेशी कैडेट्स पास आउट हो चुके हैं। वहीं, आईएमए के नाम अब तक 2885 विदेशी कैडेट्स को ट्रेनिंग देने का गौरव जुड़ गया है। आज भूटान के 19, तजाकिस्तान के 17, श्रीलंका के दो और मालदीव, सुडान, सेशेल्स व वियतनाम का एक-एक कैडेट भी पास आउट हुए।

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