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उत्तराखंड गोलीकांड: हमले के दौरान फायरिंग का वीडियो बनाने का दावा

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रुद्रपुर। ऊधमसिंह नगर जिले के नानकमत्ता क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। ग्राम सिद्धा नवदिया में शनिवार देर रात हथियारों से लैस हमलावरों ने पहले एक घर पर पथराव और फायरिंग की। इसके बाद खेत से लौट रहे 35 वर्षीय सतनाम सिंह को घेरकर गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल सतनाम को परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद आरोपी फरार हो गए। मामले में मृतक के भाई की शिकायत पर पुलिस ने आठ नामजद आरोपियों समेत अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, परिजनों ने पुलिस पर पहले मिली शिकायत को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाते हुए कहा है कि समय रहते कार्रवाई होती तो सतनाम की जान बच सकती थी। जानकारी के अनुसार, नानकमत्ता के ग्राम सिद्धा नवदिया में कुछ दिन पहले दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था। बताया जा रहा है कि इस दौरान गांव निवासी कुलदीप सिंह पुत्र चरनजीत सिंह बीच-बचाव करने पहुंचे थे। इसी बात को लेकर एक पक्ष उनसे रंजिश रखने लगा था। परिजनों के मुताबिक, कुलदीप सिंह को जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। इसके बाद उन्होंने नानकमत्ता थाना पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी। आरोप है कि शनिवार रात करीब दस बजे 15 से 20 हमलावर कार और बाइकों से कुलदीप सिंह के घर पहुंचे। हथियारों से लैस आरोपियों ने घर के बाहर पथराव करने के साथ फायरिंग शुरू कर दी, जिससे परिवार में अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान कुलदीप सिंह का बेटा प्रिंस छत पर पहुंचकर घटना का वीडियो बनाने लगा। आरोप है कि हमलावरों ने उस पर भी गोली चलाई, हालांकि वह बाल-बाल बच गया। प्रिंस ने हमलावरों की फायरिंग का वीडियो भी बना लिया। इसके बाद आरोपी हवाई फायरिंग करते हुए वहां से जाने लगे। इसी दौरान खेत से लौट रहे कुलदीप सिंह के बड़े भाई सतनाम सिंह हमलावरों के सामने आ गए। आरोप है कि हमलावरों ने उन्हें घेरकर गोली चला दी। गोली सीने में लगने से सतनाम सिंह जमीन पर गिर पड़े। इसके बाद आरोपी कार से उन्हें टक्कर मारते हुए तेज रफ्तार में फरार हो गए। घटना के बाद परिजन घायल सतनाम सिंह को उप जिला चिकित्सालय सितारगंज लेकर पहुंचे। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रुद्रपुर रेफर कर दिया। वहां देर रात सतनाम सिंह को मृत घोषित कर दिया गया। सूचना मिलने पर नानकमत्ता पुलिस मौके पर पहुंची और शव को मोर्चरी भिजवा दिया। रविवार सुबह पुलिस ने पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू की। एसपी सिटी प्रमोद कुमार के मुताबिक, मृतक के भाई सोनू सिंह की शिकायत पर आठ नामजद आरोपियों सहित अन्य हमलावरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

शिकायत पर कार्रवाई होती तो बच सकती थी जान
इस हत्याकांड के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि कुलदीप सिंह ने जान से मारने की धमकी मिलने के बाद पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन उस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका दावा है कि आरोपितों का आपराधिक इतिहास भी रहा है। परिजनों का कहना है कि यदि पुलिस ने समय रहते शिकायत को गंभीरता से लेकर जरूरी कदम उठाए होते, तो शायद सतनाम सिंह की जान बच सकती थी। अब इस मामले में पुलिस की जांच के साथ यह सवाल भी अहम हो गया है कि पहले दी गई शिकायत पर क्या कार्रवाई की गई थी।