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अर्थव्यवस्था की रीढ़ 'व्यापारी वर्ग' के लिए सीएम धामी का बड़ा ऐलान: हल्द्वानी सम्मेलन में कीं 8 ऐतिहासिक घोषणाएं, मिलेगी भयमुक्त और पारदर्शी व्यवस्था

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हल्द्वानी। राजकीय मेडिकल कॉलेज सभागार में आयोजित प्रांतीय व्यापारी सम्मेलन का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। प्रदेश भर से जुटे व्यापारिक समाज को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि व्यापारी केवल वस्तुओं के क्रय-विक्रय तक सीमित नहीं हैं, बल्कि रोजगार सृजन, स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने और राज्य की प्रगति की असली रीढ़ हैं।

उत्तराखंड में व्यापारियों की समस्याओं के समाधान, कारोबार को आसान बनाने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आठ महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। इनमें प्राकृतिक आपदा से प्रभावित व्यापारियों को नियमानुसार राहत, उद्योग मित्र समितियों का पुनर्गठन, जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों के दुर्घटना बीमा की जानकारी का प्रचार-प्रसार, पर्यटन व्यवसाय के पंजीकरण का सरलीकरण और चारधाम यात्रा मार्ग पर पार्किंग सुविधाओं का विकास शामिल है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि व्यापारी प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी सुरक्षा, सम्मान तथा हितों की रक्षा राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी के राजकीय मेडिकल कॉलेज सभागार में आयोजित प्रांतीय व्यापारी सम्मेलन का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। प्रदेशभर से पहुंचे व्यापारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि व्यापारी केवल वस्तुओं की खरीद-बिक्री तक सीमित नहीं हैं, बल्कि रोजगार सृजन, स्थानीय बाजारों को गति देने और प्रदेश की आर्थिक प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बड़े उद्योगों से लेकर छोटे दुकानदारों तक, प्रत्येक व्यापारी राज्य के विकास में योगदान देता है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी व्यापारियों ने आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनाए रखकर सामाजिक जिम्मेदारी निभाई। सरकार व्यापारियों को केवल करदाता नहीं, बल्कि विकास का महत्वपूर्ण भागीदार मानती है। इसी सोच के साथ कारोबार के लिए सुरक्षित, पारदर्शी और सुविधाजनक वातावरण तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने व्यापारियों के हित में कई महत्वपूर्ण कदम उठाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा या अन्य आपदाओं से प्रभावित व्यापारियों को नियमानुसार उचित राहत दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। व्यापारियों की समस्याओं को सुनने और उनके समाधान के लिए राज्य तथा जिला स्तर पर उद्योग मित्र समितियों का पुनर्गठन कर नियमित बैठकें आयोजित की जाएंगी। जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों के दुर्घटना बीमा से संबंधित जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि पात्र व्यापारियों के आश्रित समय पर बीमा दावे की प्रक्रिया पूरी कर सकें। पर्यटन व्यवसाय को प्रोत्साहित करने के लिए पंजीकरण प्रक्रिया सरल बनाई जाएगी और सिंगल विंडो व्यवस्था लागू की जाएगी।पर्यटन बहुल क्षेत्रों और जिला मुख्यालयों में होमस्टे सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को स्वरोजगार और अतिरिक्त आय के अवसर मिल सकें। चारधाम यात्रा मार्ग पर आवश्यक स्थानों पर पार्किंग विकसित करने की भी घोषणा की गई। इससे यात्रियों के साथ-साथ यात्रा मार्ग पर कारोबार करने वाले व्यापारियों को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य मार्गों और अन्य प्रमुख मार्गों से जुड़े बाजारों में सड़कों तथा नालियों के निर्माण और मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों को कर्मकार कल्याण बोर्ड की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ दिलाने की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया। व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में व्यापार, उद्यमिता, डिजिटल लेन-देन और वित्तीय समावेशन को प्रोत्साहन मिला है। उत्तराखंड में भी व्यापार और निवेश से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से 26 प्रमुख विभागों की 206 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। निवेशकों और उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के लिए ‘निवेश मित्र’ व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने बताया कि राज्य में स्टार्टअप और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए उत्तराखंड स्टार्टअप नीति लागू की गई है और 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड की व्यवस्था की गई है। सरकार औद्योगिक विकास को केवल मैदानी क्षेत्रों तक सीमित न रखकर पर्वतीय इलाकों में भी उद्यमिता और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर ध्यान दे रही है। चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विशेष औद्योगिक पार्कों के लिए भूमि चिह्नित की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय व्यापार, पर्यटन, लघु उद्योग और स्वरोजगार उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के व्यापारी स्थानीय बाजारों के साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी पहचान स्थापित कर सकें। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की स्मारिका का विमोचन किया और व्यापार मंडल की विभिन्न इकाइयों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया। अब इन आठ घोषणाओं को धरातल पर लागू करने, विभागीय समन्वय बढ़ाने और व्यापारियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करने पर निगाहें रहेंगी।