देहरादून। उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने संगठन के स्तर पर बड़ा बदलाव किया है। भाजपा ने प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम को उत्तराखंड की जिम्मेदारी से हटा दिया है। उनकी जगह पार्टी के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम माधव को उत्तराखंड भाजपा का नया प्रदेश प्रभारी बनाया गया है। इसके साथ ही प्रदेश के सह प्रभारी पद पर भी बदलाव किया गया है। भाजपा ने सांसद बांसुरी स्वराज और अरविंद मेनन को उत्तराखंड का सह प्रभारी नियुक्त किया है। नई नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बुधवार को विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए प्रदेश प्रभारियों और सह प्रभारियों की नई नियुक्तियों का ऐलान किया। पार्टी ने 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए कई राज्यों की संगठनात्मक टीम में बदलाव किया है। उत्तराखंड भी इस फेरबदल में शामिल है। नई व्यवस्था के तहत राम माधव को उत्तराखंड का प्रभारी बनाया गया है, जबकि उनके साथ अरविंद मेनन और बांसुरी स्वराज सह प्रभारी के तौर पर काम करेंगे। राम माधव को उत्तराखंड के साथ तमिलनाडु भाजपा की जिम्मेदारी भी दी गई है। वहीं, उत्तराखंड की पूर्व सह प्रभारी रेखा वर्मा को मध्य प्रदेश का सह प्रभारी बनाया गया है। यानी उत्तराखंड संगठन में काम कर रही पुरानी टीम में व्यापक बदलाव किया गया है।
राम माधव के सामने 2027 की बड़ी चुनौती
राम माधव भाजपा के अनुभवी संगठनात्मक नेताओं में शामिल हैं। अगस्त 2026 में उन्हें भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया था। इससे पहले वे भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव रह चुके हैं। पार्टी संगठन में काम करने के साथ-साथ उन्हें जम्मू.कश्मीर और पूर्वोत्तर राज्यों में संगठनात्मक रणनीति से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्व भी मिल चुके हैं। राम माधव की उत्तराखंड में नियुक्ति ऐसे समय हुई है,जब राज्य में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो रही हैं। ऐसे में नए प्रदेश प्रभारी के सामने संगठन को चुनावी मोर्चे पर सक्रिय करने, पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ाने और चुनावी तैयारियों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।
बांसुरी स्वराज की भी उत्तराखंड में एंट्री
उत्तराखंड भाजपा की नई टीम में बांसुरी स्वराज का नाम भी खास है। दिल्ली से सांसद बांसुरी स्वराज को अरविंद मेनन के साथ उत्तराखंड का सह प्रभारी बनाया गया है। बांसुरी स्वराज दिवंगत भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज की बेटी हैं। पेशे से वकील बांसुरी स्वराज ने इंग्लैंड में उच्च शिक्षा हासिल की और कानून के क्षेत्र में काम किया है। उनकी नियुक्ति के साथ उत्तराखंड संगठन में केंद्रीय नेतृत्व के दो नए चेहरों की एंट्री हुई है। पार्टी के लिए यह बदलाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उत्तराखंड में अगले साल विधानसभा चुनाव होना है और भाजपा लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ संगठन को चुनावी मोड में ले जा रही है।

