वित्त विभाग ने विभागों को दी वित्तीय स्वायत्तता, बजट की प्रत्याशा में भुगतान करने का रास्ता साफ

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देहरादून। सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए खुशखबरी। उत्तराखंड वित्त विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के समापन और नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत के बीच होने वाली देरी को देखते हुए तत्काल बड़ा आदेश जारी कर दिया है। अब कर्मचारियों का वेतन और पेंशनर्स की पेंशन बजट की अंतिम स्वीकृति का इंतजार किए बिना ही समय पर भुगतान किया जा सकेगा।

हर साल मार्च का महीना सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए चिंता का विषय होता था। वित्तीय वर्ष बंद होने और नए बजट की प्रक्रिया चलने के कारण अक्सर वेतन और पेंशन 15 से 20 दिन तक लेट हो जाता था। कई बार तो मार्च का भुगतान अप्रैल के अंत तक पहुंच जाता था। इससे खासकर पेंशन पर निर्भर बुजुर्गों और मध्यवर्गीय कर्मचारियों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता था। इसी समस्या को दूर करने के लिए वित्त विभाग ने 1 अप्रैल को सभी जिलाधिकारियों और विभागाध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। आदेश में कहा गया है कि बजट की प्रत्याशा में ही कर्मचारियों के वेतन और पेंशन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। विभाग ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आय-व्ययक अनुदान की मांगें विधानसभा से पहले ही पारित हो चुकी हैं और सभी विभागों को वित्तीय स्वीकृतियां जारी कर दी गई हैं।

उत्तराखंड सरकार ने इस मामले में उत्तर प्रदेश का मॉडल अपनाया है। यूपी में कई वर्षों से मार्च महीने में बजट की प्रत्याशा में ही वेतन-पेंशन भुगतान किया जाता रहा है। उत्तराखंड ने भी इसी व्यवस्था को लागू करते हुए कर्मचारियों को राहत पहुंचाई है। वित्त विभाग के अधिकारी बताते हैं कि इस फैसले से राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारी और पेंशनर्स को फायदा होगा। खासकर उन पेंशनर्स को, जिनकी आय का एकमात्र स्रोत पेंशन है। समय पर भुगतान से उनका मासिक खर्चा सुचारू रूप से चल सकेगा। कर्मचारियों को भी घरेलू बजट प्रभावित होने से बचत होगी। कर्मचारियों-पेंशनर्स में खुशी राज्य कर्मचारी संघों और पेंशनर्स संगठनों ने वित्त विभाग के इस आदेश का स्वागत किया है। उन्होंने इसे सरकार की संवेदनशीलता का प्रमाण बताया। एक कर्मचारी नेता ने कहा, “हर साल मार्च में वेतन न मिलने से हमें कर्ज लेना पड़ता था। इस बार समय पर भुगतान होने से राहत मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर वेतन और पेंशन मिलने से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और उनकी कार्यक्षमता में सुधार होगा। इससे सरकारी कामकाज पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनर्स के हित में कई कदम उठाए हैं। इस आदेश को भी उसी दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है। वित्त विभाग ने सभी विभागों को सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्थिति में कर्मचारियों और पेंशनर्स को भुगतान में देरी न हो। यह फैसला न केवल कर्मचारियों के बीच विश्वास बढ़ाएगा, बल्कि शासन-प्रशासन की छवि को भी मजबूत करेगा। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले वर्षों में भी इस व्यवस्था को जारी रखा जाएगा, ताकि मार्च महीना कर्मचारियों के लिए चिंता के बजाय राहत का महीना बने।