स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल बोले: चारधाम यात्रा में इस बार नया बेंचमार्क स्थापित करेगा स्वास्थ्य विभाग

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देहरादून। विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा को लेकर उत्तराखंड सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने इस वर्ष अपनी तैयारियों को एक 'अभूतपूर्व मॉडल' के रूप में पेश किया है। पिछले वर्षों के अनुभवों से सीख लेते हुए, इस बार विभाग ने न केवल बुनियादी ढाँचे को मजबूत किया है, बल्कि तकनीकी और मानवीय संसाधनों का एक ऐसा जाल बिछाया है जिससे कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में भी श्रद्धालुओं को त्वरित इलाज मिल सके।

इस बार चारधाम यात्रा में स्वास्थ्य विभाग ने पूरी तरह से नई ऊंचाई छूने का दावा किया है। सरकार का कहना है कि यात्रा अब केवल आस्था की नहीं, बल्कि सुरक्षा और बेहतरीन स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का भी प्रतीक बनेगी। स्वास्थ्य विभाग ने यात्रियों की बढ़ती संख्या और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों को ध्यान में रखते हुए व्यापक तैयारियां की हैं। स्वास्थ्य विभाग ने चारधाम यात्रा मार्ग पर कुल 57 स्क्रीनिंग केंद्र स्थापित किए हैं। इन केंद्रों पर हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, डायबिटीज और अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रस्त यात्रियों की स्क्रीनिंग की जाएगी। समय पर पहचान होने से उन्हें उचित सलाह और चिकित्सा सहायता दी जा सकेगी। सबसे चुनौतीपूर्ण पड़ाव केदारनाथ और बदरीनाथ में स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत किया गया है। केदारनाथ और बदरीनाथ में 17 बेड का अस्पताल पहले से संचालित है, जबकि बदरीनाथ में 50 बेड का अत्याधुनिक अस्पताल जून तक शुरू हो जाएगा। यात्रा मार्ग पर 25 विशेषज्ञ डॉक्टर, 178 मेडिकल ऑफिसर और 414 पैरामेडिकल कर्मी तैनात किए गए हैं। दून मेडिकल कॉलेज और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज से अतिरिक्त मेडिकल अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण देकर यात्रा ड्यूटी पर लगाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने यात्रा रूट पर 177 एंबुलेंस तैनात करने का फैसला किया है। साथ ही हेलीकॉप्टर रेस्क्यू की सुविधा भी पूरी तरह सुनिश्चित कर ली गई है, ताकि किसी भी इमरजेंसी स्थिति में तुरंत हवाई मदद पहुंचाई जा सके। विभिन्न राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 13 भाषाओं में स्वास्थ्य परामर्श जारी किया है। किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालु 112, 108 और 104 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि चारधाम यात्रा लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी हुई है। इस वर्ष स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को पूरी तरह नए स्तर पर ले जाने का प्रयास किया है। हर जिले में मेडिकल रिलीफ पोस्ट तैयार किए गए हैं और गंभीर रूप से बीमार यात्रियों की पहचान एवं निगरानी के लिए विशेष सिस्टम विकसित किया गया है। मंत्री ने आश्वासन दिया कि इस बार कोई भी श्रद्धालु इलाज के अभाव में परेशान नहीं होगा। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम और यादगार बनाया जाए। चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू हो रही है। यमुनोत्री-गंगोत्री के कपाट 19 अप्रैल, केदारनाथ 22 अप्रैल और बदरीनाथ 23 अप्रैल को खुलेंगे।