उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस (सतर्कता विभाग) का अभियान तेज होता जा रहा है। मंगलवार को विजिलेंस की टीम ने एक ही दिन में दूसरी बड़ी कार्रवाई करते हुए जनपद ऊधम सिंह नगर के दिनेशपुर थाने में तैनात सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) अनवर अहमद को ₹15,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के बाद से जिले के पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार आरोपी एएसआई अनवर अहमद बिजली चोरी के दर्ज मुकदमे को निपटाने के नाम पर शिकायतकर्ता से रिश्वत की मांग कर रहा था। शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना विजिलेंस विभाग को दी, जिसके बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप बिछाया। तय योजना के तहत जैसे ही आरोपी ने 15 हजार रुपये की रिश्वत ली, सतर्कता टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। बताया जा रहा है कि अनवर अहमद पिछले एक साल से अधिक समय से थाना दिनेशपुर में तैनात था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई के बाद ऊधम सिंह नगर पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। हाल के दिनों में लगातार सामने आ रहे भ्रष्टाचार के मामलों से विभाग की छवि प्रभावित हुई है। विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी स्तर पर लिप्त पाए जाने वाले अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। टीम ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी अवैध रूप से धन की मांग करता है तो उसकी सूचना तुरंत सतर्कता विभाग को दें।

