देहरादून। पड़ोसी देश नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा के बाद प्रभावित परिवारों की मदद के लिए उत्तराखंड से राहत और सहयोग के हाथ आगे बढ़े हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से गोर्खाली सुधार सभा के आठ सदस्यीय 'नेपाल आपदा राहत सहायता दल' को हरी झंडी दिखाकर नेपाल के लिए रवाना किया। यह दल आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जाकर पीड़ित परिवारों तक राशन, दवाइयां और अन्य आवश्यक सामग्री पहुंचाएगा।
नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए उत्तराखंड से राहत का हाथ बढ़ाया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से गोर्खाली सुधार सभा के केंद्रीय अध्यक्ष पदम सिंह थापा के नेतृत्व में आठ सदस्यीय नेपाल आपदा राहत सहायता दल को हरी झंडी दिखाकर नेपाल के लिए रवाना किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि नेपाल भारत का केवल पड़ोसी देश नहीं है, बल्कि दोनों देशों के बीच सामाजिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक संबंध भी गहरे हैं। प्राकृतिक आपदा की इस कठिन घड़ी में उत्तराखंड और भारत के लोग नेपाल के प्रभावित परिवारों के साथ खड़े हैं। उन्होंने राहत दल के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि संकट के समय जरूरतमंद लोगों की सहायता करना मानवीय जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा के बाद प्रभावित लोगों को तत्काल राहत और आवश्यक सहयोग की जरूरत होती है। ऐसे समय में सामाजिक संस्थाओं और स्वयंसेवी संगठनों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। गोर्खाली सुधार सभा की पहल इसी मानवीय भावना को मजबूत करती है। गोर्खाली सुधार सभा के केंद्रीय अध्यक्ष पदम सिंह थापा ने बताया कि राहत दल केवल तत्काल सहायता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि नेपाल में एक गांव को गोद लेकर वहां प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने का प्रयास करेगा। आपदा प्रभावित परिवारों की जरूरतों का आकलन कर उनके पुनर्वास और आवश्यक सहायता के लिए आगे भी काम किया जाएगा। उन्होंने बताया कि राहत अभियान में बच्चों की शिक्षा को भी प्राथमिकता दी जा रही है। प्रभावित क्षेत्र में स्कूल भवन निर्माण में सहयोग करने के साथ विद्यार्थियों को पुस्तकें और अन्य पठन-पाठन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए नेपाल सरकार और वहां काम कर रही स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है। गोर्खाली सुधार सभा की मीडिया प्रभारी प्रभा शाह ने बताया कि नेपाल में आपदा की जानकारी मिलने के बाद सभा की ओर से राहत सहायता के लिए एक कमेटी का गठन किया गया था। इसके बाद सभा की विभिन्न शाखाओं और सहयोगी संस्थाओं से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए सहयोग का आह्वान किया गया। उन्होंने बताया कि अपील के बाद विभिन्न स्तरों से राहत कार्यों के लिए सहयोग प्राप्त हुआ, जिसे नेपाल में प्रभावित लोगों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। राहत दल प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर जरूरतमंद परिवारों से संपर्क करेगा और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर सहायता उपलब्ध कराएगा। नेपाल और उत्तराखंड के बीच ऐतिहासिक सामाजिक एवं सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। दोनों क्षेत्रों के लोगों के बीच पारिवारिक और भावनात्मक रिश्ते भी हैं। ऐसे में आपदा के समय उत्तराखंड से राहत दल का नेपाल जाना सीमाओं से परे मानवीय सहयोग और आपसी रिश्तों की मजबूती का संदेश दे रहा है। मुख्यमंत्री ने राहत दल के सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए प्रभावित परिवारों तक हरसंभव सहायता पहुंचाने की कामना की। राहत अभियान के जरिए तत्काल मदद के साथ बच्चों की शिक्षा और प्रभावित गांव के पुनर्निर्माण में सहयोग की योजना भी तैयार की गई है।

