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उत्तराखंड सरकार का बड़ा कदम: चार दिवंगत पत्रकारों के आश्रितों को मिलेगी पांच-पांच लाख की आर्थिक सहायता

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देहरादून। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में अपनी जान जोखिम में डालकर समाज और राष्ट्र को सच्चाई से रूबरू कराने वाले पत्रकारों के हितों की रक्षा करना किसी भी कल्याणकारी राज्य की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। इसी दिशा में एक और संवेदनशील पहल करते हुए उत्तराखंड की धामी सरकार ने पत्रकारों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता और पेंशन की संस्तुति की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देशों के क्रम में सूचना निदेशालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में कई अहम और मानवीय फैसले लिए गए हैं।

उत्तराखंड में संकटग्रस्त पत्रकारों और उनके परिजनों को आर्थिक राहत देने की दिशा में सरकार ने कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के बाद सूचना निदेशालय में आयोजित बैठक में पत्रकार कल्याण कोष और मुख्यमंत्री पत्रकार सम्मान पेंशन योजना के तहत प्राप्त प्रकरणों की समीक्षा की गई। बैठक में चार दिवंगत पत्रकारों के आश्रितों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की संस्तुति की गई। इसके साथ ही गंभीर बीमारी से जूझ रहे एक वरिष्ठ पत्रकार के उपचार के लिए पांच लाख रुपये की सहायता और चार वरिष्ठ पत्रकारों को प्रतिमाह आठ हजार रुपये पेंशन देने की संस्तुति भी की गई। सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में पत्रकारों और उनके परिजनों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने से जुड़े मामलों पर विचार-विमर्श किया गया। समिति ने पात्रता और निर्धारित नियमों के आधार पर विभिन्न प्रकरणों की समीक्षा करते हुए सहायता के प्रस्तावों पर अपनी संस्तुति दी। पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने वाले पत्रकारों के निधन के बाद उनके परिवारों के सामने आर्थिक चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। ऐसे में पत्रकार कल्याण कोष से चार दिवंगत पत्रकारों के आश्रितों को पांच-पांच लाख रुपये की सहायता देने की संस्तुति महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे संबंधित परिवारों को आर्थिक सहारा मिलने की उम्मीद है। बैठक में गंभीर बीमारी से ग्रसित एक वरिष्ठ पत्रकार के उपचार के लिए भी पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की संस्तुति की गई। बीमारी के दौरान इलाज का खर्च कई बार परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल देता है। ऐसे मामलों में सहायता उपलब्ध कराने का उद्देश्य संकट की स्थिति में पत्रकारों और उनके परिजनों को राहत देना है। मुख्यमंत्री पत्रकार सम्मान पेंशन योजना के अंतर्गत चार वरिष्ठ पत्रकारों को प्रतिमाह आठ हजार रुपये पेंशन देने की संस्तुति की गई। यह योजना वरिष्ठ पत्रकारों के सम्मान और आर्थिक सहारे से जुड़ी है। पेंशन मिलने से पात्र पत्रकारों को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध हो सकेगी। बैठक में सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुरूप राज्य सरकार पत्रकारों के कल्याण, सम्मान और सहायता के लिए प्रतिबद्ध है। सूचना विभाग संकटग्रस्त पत्रकारों और उनके आश्रितों को यथासंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए तत्परता से कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि पत्रकारों के कल्याण से जुड़े प्रकरणों पर नियमित रूप से समिति की बैठकें आयोजित की जा रही हैं। पात्र पत्रकारों और उनके परिजनों के मामलों पर संवेदनशीलता के साथ विचार करते हुए नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। बैठक में की गई संस्तुतियों के बाद अब संबंधित सहायता और पेंशन के मामलों में नियमानुसार आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इन प्रस्तावों से दिवंगत पत्रकारों के आश्रितों, गंभीर बीमारी से जूझ रहे वरिष्ठ पत्रकार और पेंशन के पात्र पत्रकारों को राहत मिलने की उम्मीद है।