देहरादून छात्र संवाद: क्या राहुल गांधी जीत पाएंगे उत्तराखंड के पहाड़ी युवाओं का भरोसा?

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देहरादून। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आगामी उत्तराखंड दौरे को लेकर प्रदेश का सियासी पारा अचानक सातवें आसमान पर पहुंच गया है। राहुल गांधी आगामी 17 जुलाई को राजधानी देहरादून आ रहे हैं, जहां वे देश और प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों को लेकर छात्रों व युवाओं के साथ सीधा संवाद करेंगे। कांग्रेस जहां इस दौरे को युवाओं के हक की लड़ाई बता रही है, वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कांग्रेस पर 'छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर' राजनीतिक रोटियां सेकने का सीधा आरोप लगाया है। राहुल गांधी के इस प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर उत्तराखंड के दोनों प्रमुख दलों भाजपा और कांग्रेस के बीच पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं और युवाओं के भविष्य को लेकर तीखी जुबानी जंग छिड़ गई है। उत्तराखंड कांग्रेस की प्रभारी कुमारी सैलजा ने राहुल गांधी के इस दौरे की आधिकारिक पुष्टि करते हुए इसकी पूरी रूपरेखा सामने रखी है। कांग्रेस के अनुसार, 17 जुलाई का यह विशेष कार्यक्रम पूरी तरह से देश के विद्यार्थियों और युवाओं की समस्याओं पर केंद्रित होगा। माना जा रहा है कि राजस्थान के कोटा की तर्ज पर देहरादून में भी एक विशाल छात्र संवाद का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान राहुल गांधी निम्नलिखित मुख्य एजेंडों पर छात्रों से सीधी बात करेंगे। आज देश और प्रदेश में छात्रों से जुड़े मुद्दे सबसे ज्यादा संवेदनशील हैं। पेपर लीक जैसी घटनाओं ने दिन-रात मेहनत करने वाले होनहार विद्यार्थियों और उनके गरीब परिवारों की उम्मीदों को पूरी तरह तोड़ दिया है। नई शिक्षा नीति का ढिंढोरा पीटने वाली भाजपा सरकार शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने में पूरी तरह विफल रही है। राहुल गांधी इन्हीं युवाओं की आवाज बनने उत्तराखंड आ रहे हैं। कांग्रेस के इस बड़े दांव पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए करारा पलटवार किया है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को इतिहास की याद दिलाते हुए कहा कि पेपर लीक की बीमारी कांग्रेस की ही देन है।

सीएम धामी ने अपने बयान में कहा जब केंद्र में कांग्रेस की यूपीए सरकार थी, तब पूरे देश में पेपर लीक होते थे और नकल माफिया खुलेआम सक्रिय थे। इसके विपरीत, हमारी भाजपा सरकार ने केंद्र के साथ-साथ उत्तराखंड में भी नकल माफियाओं की कमर तोड़ी है और देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। कांग्रेस केवल राजनीतिक लाभ के लिए देश के भोले-भाले छात्रों को गुमराह करने का असफल प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि उत्तराखंड के छात्र और युवा बेहद जागरूक हैं। वे भली-भांति समझते हैं कि युवाओं के भविष्य के लिए वास्तव में काम कौन कर रहा है और इस संवेदनशील मुद्दे पर सिर्फ राजनीति कौन चमका रहा है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस राहुल गांधी के इस दौरे के जरिए उत्तराखंड के युवाओं और पहाड़ी क्षेत्रों के बेरोजगारों को अपने पाले में लाने की बड़ी रणनीति पर काम कर रही है। वहीं, भाजपा ने भी राहुल गांधी के घेराव और उनके दावों को हवा में उड़ाने के लिए अपने छात्र संगठन और युवा मोर्चे को अलर्ट मोड पर डाल दिया है। बहरहाल,17 जुलाई को देहरादून में होने वाला राहुल गांधी का यह छात्र संवाद सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आगामी राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब देखना यह होगा कि राहुल गांधी के इस 'युवा कार्ड' का जवाब देने के लिए भाजपा आने वाले दिनों में क्या रणनीति अपनाती है।